Tantra Mantra Yoga Guru

नासनं सिद्धसदृशं न कुम्भसदृशं बलम्। न खेचरीसमा मुद्रा न नादसदृशो लयः।। सिद्धासन के समान कोई आसन नहीं , कुम्भक के समान कोई बल नहीं , खेचरी के समान कोई मुद्रा नहीं और नाद के समान कोई लय नहीं ।

Saturday, September 22, 2007

राम और रामायण

चलो, अब कुछ संकर जाति के लोगो ने यह कहना शुरु कर दिया है कि राम नहीं हैं, अगर राम नहीं हैं, जिनके अस्तित्व के सबसे ज्यादा प्रमाण हैं तो फिर अन्य देवी देवता और अवतार कभी भारत में हुए ही नहीं और हिन्दु धर्म का कोइ अस्तित्व ही नहीं । तो हिन्दुओ, अपना टाट कमडंल उठाओ और इस इन्डिया छोड़ भाग क्योंकि अब भारत और हिन्दूस्तान का कोई अस्तित्व नहीं है । और अगर तुम्हे ये बातें बुरी लग रही तो उठो, जागो और इस देश को हिन्दु राष्टर् घौषित करो ।

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